🌟 गुणवत्तापरक शिक्षण एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की ओर— विद्यालय प्रतिनिधियों की प्रांतीय संयुक्त बैठक में सहभागिता
Website: https://mssvmduddhi.org
Contact (Principal): Mr. Anil Tiwari — +91 9695687015
School: Mahaveer Sarasvati Shishu/Vidya Mandir, Duddhi (Sonbhadra)
🏫 सोनभद्र से चयनित विद्यालय की प्रांतीय स्तर पर सहभागिता
गुणवत्ता परक शिक्षण एवं सुदृढ़ विद्यालय व्यवस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सोनभद्र से चयनित महावीर सरस्वती शिशु/विद्या मन्दिर, दुद्धी के प्रतिनिधियों ने काशी एवं गोरक्ष प्रांत की संयुक्त बैठक में सहभागिता दर्ज की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विद्यालय के:
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मंत्री – श्री मनोज कुमार मिश्र
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अध्यक्ष – श्री सोनाबच्चा अग्रहरि
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प्रधानाचार्य – श्री अनिल तिवारी
ने ससम्मान भाग लिया।
🏛️ बैठक का आयोजन स्थल
यह संयुक्त प्रांतीय बैठक विवेकानंद इंटरमीडिएट कॉलेज, सुल्तानपुर में आयोजित हुई, जिसमें प्रांत के अनेक शिक्षाविद्, संगठन प्रतिनिधि एवं विद्यालय अधिकारी उपस्थित रहे।
🙏 मुख्य आकर्षण: श्री यतींद्र शर्मा जी का उद्बोधन
बैठक का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह रहा जब प्रतिनिधियों को
श्री यतींद्र शर्मा जी,
अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री,
का मार्गदर्शनपूर्ण उद्बोधन सुनने का शुभ अवसर प्राप्त हुआ।
उनके उद्बोधन में विशेष रूप से निम्न विषयों पर बल दिया गया:
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शिक्षा में गुणवत्ता और चरित्र निर्माण
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शिक्षक–विद्यार्थी संबंधों का महत्त्व
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संगठनात्मक अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता
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विद्यालयों को राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाना
📌 विद्यालय विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक में विद्यालयों के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। हमारे विद्यालय की ओर से प्रस्तुत बिंदुओं को गंभीरता से सुना गया और उनके आधार पर निम्न योजनाएँ बनाई गईं:
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शिक्षण गुणवत्ता में निरंतर सुधार हेतु नई रणनीतियाँ
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शिक्षकों के कौशल-विकास के लिए उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम
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विद्यालय भवन, कक्षाओं एवं सुविधाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण
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विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु गतिविधियों का विस्तार
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अभिभावक—विद्यालय समन्वय को और मजबूत बनाना
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डिजिटल शिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का समावेश
🌱 समापन
इस संयुक्त बैठक में सहभागिता महावीर सरस्वती शिशु/विद्या मन्दिर, दुद्धी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही।
विद्यालय परिवार संकल्पित है कि:
“उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, संस्कार और अनुशासन—इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा।”
